जहां अपने जिला कैमूर भभुआ में आसमान से आग बरस रही है पारा 42 डिग्री के पार है वहां पानी पीने के लिए पूरे प्रखंड परिसर के एक-एक कार्यालय में लोगों की नजर सिर्फ नल, चापाकल, सबमर्सिबल या पानी का जार ढूंढ रही।भले ही पीने के पानी की व्यवस्था प्याऊ नगर पंचायत के प्रतिनिधि/ कार्यालय कर्मी द्वारा बस स्टैंड के पास किया गया हो पर प्रखंड परिसर अंतर्गत सभी कार्यालय पानी न होने का रोना रो रहे हैं यह बात अलग है कि वही वार्ड पार्षद ठंडा पी रहे हैं और कार्यालय में अपने काम को लेकर पहुंचे लोगों के लिए शुद्ध शीतल पेयजल तक नसीब नहीं है।
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| प्रखंड परिसर में लगे नल और चापाकल की तस्वीर |
लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है जिसके कारण कार्यालय से सरकार की योजनाओं से संबंधित कोई नए कार्यों का श्री गणेश तो नहीं होगा लेकिन पूर्व से चल रही योजनाओं और कार्यों की जानकारी, मांग, राहत या दावा अनुरोध हेतु कुदरा प्रखंड परिसर आने वाले लोगों के लिए पेयजल एक बहुत बड़ी मुसीबत है। प्रखंड कार्यालय में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र का आवेदन का कार्य कर रहे कर्मी ने बताया यहां पानी पीने की नहीं है कोई व्यवस्था। 20 अप्रैल शनिवार दोपहर 2 बजे करीब एक एक कर सभी कार्यालय में पहुंचकर पीने के पानी का हाल जाना। अंचल कार्यालय में नाजिर और प्रधान लिपिक ने बताया 2 दिन से पानी देने वाले के नहीं आने से पेयजल की है परेशानी पर जरूरत पड़ने पर मोटर चलकर पानी दिया जाता है। चकबंदी कार्यालय मैं बैठे कर्मी ने बताया इस कार्यालय में पानी पीने के लिए नहीं है कोई व्यवस्था। तो मनरेगा कार्यालय में बैठे कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया जिसे प्यास लगी है मोटर चला कर ताजा पानी पी सकता है लेकिन पीने के लिए पानी रखा हुआ नहीं है। कृषि कार्यालय में कर्मी अपने लिए लाए बोतल को रखते हैं छुपा कर, कहीं पानी खत्म होने के बाद मुझे परेशानी ना हो। प्रखंड पशु अस्पताल के कर्मी ने मेज पर रख पानी बोतल की तरफ इशारा करते हुए बोलें बस यही तो जीने का आधार है सामने पड़ा है, प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में रहा ताला बंद,आधार एनरोलमेंट सेंटर पर बैठे संदीप ने बताया छोटे बच्चें आधार कार्ड सुधार या नया बनवाने के लिए आते हैं जिन्हें बहुत परेशानी होती है यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान कार्यालय में अपने कार्य में मशगूल प्रखंड समन्वयक ने बताया बाहर बोतल में पानी है जब मैंने याद दिलाया कि वह बोतल खाली है तो जवाब यह मिला कि आज पानी नहीं आया है।, प्रखंड पंचायती राज कार्यालय में बैठकर कामों का निष्पादन कर रहे कर्मी से जब पीने के पानी के बारे में पूछा गया तो सिर हिलाते हुए ना का इशारा किया गया। फिर वही पास में रखें जार की तरफ इशारा कर बताया गया कि आज पानी वाला नहीं आया। कहीं से भी आपको पीने के लिए पानी नसीब नहीं होगा शिवाय शिक्षा कार्यालय के। दोपहर के समय नाश्ता कर रहे वहां के कर्मियों ने हाथ से इशारा करते हुए बताया कि पानी का जार बोतल गिलास सब मेंज पर है। वाकई था भी। यानी पूरे प्रखंड परिसर में शिक्षा कार्यालय को छोड़कर किसी भी कार्यालय में अगर आप जाए तो अपने लिए पानी की व्यवस्था लेते जाएं इस तपती गर्मी में जहां पानी ही जीने का आधार है वहां आधार कोई नहीं बनने वाला यहां तक की आधार कार्ड बनाने वाला भी नहीं। पता नहीं इस पोस्ट से किसी को असर पड़े या ना पड़े लेकिन आम लोग सचेत जरूर हो जाएंगे कि किसी जरूरी कार्य से प्रखंड परिसर में स्थित किसी भी कार्यालय आते वक्त पानी की बोतल साथ लेकर चलेंगे।
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