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21 जुलाई 2019

बिहार राज्य सूचना आयोग का आदेश विरोधाभासी

प्रधान आप्त सचिव का आदेश 

प्रशाखा पदाधिकारी का आदेश 
बिहार राज्य #सूचना आयोग के प्रशाखा पदाधिकारी व प्रधान आप्त सचिव  द्वारा जारी आदेश विरोधाभासी है |आयोग के प्रशाखा पदाधिकारी के आदेश के अनुसार एक  ही आवेदन पर एक से अधिक विषय (जो अलग अलग लोक सूचना पदाधिकारी से सम्बंधित है)
  #सूचना देने का आदेश  लोक सूचना पदाधिकारी को दिया गया है| जबकि प्रधान आप्त सचिव द्वारा जारी आदेश में लोक सूचना पदाधिकारी से  सिर्फ एक #सूचना देने का आदेश दिया गया है |जबकि एक ही  लोक #सूचना पदाधिकारी से सम्बंधित तीन  बिंदु पर सूचना मांगी गयी है|
वाद संख्या -A1539/17 में आयोग के प्रशाखा पदाधिकारी द्वारा ज्ञापांक 204 दिनांक 07-04-17  से लोक #सूचना पदाधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कैमूर से राशन कार्ड के लीये आपूर्ति पदाधिकारी,प्रोत्साहन राशी के लिए प्रखंड विकास  पदाधिकारी,धातु कोठिला के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी, नाली व गली के लिए कार्यक्रम पदाधिकारी से सूचना एक ही आवेदन पर दी गयी है |
वाद संख्या A1115/18 ज्ञापांक 544 दिनांक 29-04-19 को आयोग के प्रधान सचिव द्वारा पारित आदेश
 "  एक विषय से संबंधित सूचना एक प्रपत्र में मांगने का प्रावधान बिहार लोक #सूचना अधिकार नियमावली 2006 में है अपील कर्ता ने  तीन बिंदुओं पर सूचना मांगी " दर्ज है।
 जबकि #सूचना एक ही लोक सूचना पदाधिकारी द्वारा संबंधित है मे जिस सूचना में मेडिकल स्टोर की सूची, एजेंसी के नाम, संचालक का नाम व स्थान व सूचीबद्ध मेडिकल स्टोरों के नियम अनुकूल  होने की जांच रिपोर्ट की मांग की गई है ।
दो आदेशों के देखने से प्रतीत होता है कि एक आदेश दूसरे आदेश कि विपरीत है यानी मुहावरे के तौर पर कहें तो राज्य #सूचना आयोग का एक आदेश  दूसरे आदेश को ठेंगा दिखा रहा है।

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