सरकारी जमीन पर पहला हक दलित पिछड़े और भूमिहीनों का - Rtikudra.blogspot.com

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05 मार्च 2020

सरकारी जमीन पर पहला हक दलित पिछड़े और भूमिहीनों का


आयोग का पत्र
उड़ती खबर मिली है कि जमींदार व सफेदपोश क्षेत्रीय प्रतिनिधि का सरकार के शेर ए हिंद, बिहार सरकार अनावाद सर्वसाधारण, जिला परिषद, सिंचाई विभाग या शिक्षा विभाग की भूमि पर दखल कब्जा है। वहीं दूसरी तरफ सरकार भूमिहीन आवास विहीन लोगों  के आवास निर्माण के लिए भूमि खोज रही है। इसीलिए  पंजी 2  के अनुसार सरकारी भूमि पर दखल कब्जा की प्रमाणित प्रति के लिए 20 नवंबर 2019 को अंचलाधिकारी कुदरा से कुदरा प्रखंड अंतर्गत जहानाबाद, नेवरास, चिलबिली व सकरी पंचायत में उपरोक्त भूमि  के विवरण की मांग की गई है।समय से #सूचना प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार प्रथम अपील व 15 फरवरी को बिहार राज्य #सूचना आयोग में द्वितीय अपील दर्ज की गई। द्वितीय अपील दर्ज करने के 10 दिन बाद ही आयोग ने सुनवाई हेतु 25 मार्च 2020 की तिथि निर्धारित कर स्वयं लोक सूचना पदाधिकारी अंचलाधिकारी कुदरा को सम्बंधित सभी कागजात के साथ उपस्थित होने का आदेश जारी किया है।          वही इस खबर से आरटीआई कार्यकर्ताओं में खुशी है कि अब आयोग में लंबे समय तक केस पेंडिंग नहीं रहेगा। विदित हो कि मार्च 2015 में मांगी गई #सूचना न मिलने पर बिहार राज्य #सूचना आयोग द्वारा 2 वर्षों के बाद वाद संख्या संधारित कर 2 मार्च 2017 को सुनवाई  तिथि का निर्धारण किया गया था। लेकिन वर्ष 2020  में 2 वर्ष का समय घटकर मात्र 10 दिन रह गया। जो आरटीआई कार्यकर्ताओं के लिए खुशी की बात है।
कुदरा अंचल द्वारा जारी पत्र 

पूर्व में भी खबर के माध्यम से वरीय पदाधिकारी व आयोग के आदेश की अवहेलना की खबर प्रकाशित की गई है अब देखना यह है कि तत्काल एक्शन मोड में आयोग के आदेश का क्या असर होता है।

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