जहां 14 दिन में दाखिल खारिज होता है वहां 14 महीने का दाखिल खारिज आवेदन पेंडिंग। - Rtikudra.blogspot.com

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25 सितंबर 2020

जहां 14 दिन में दाखिल खारिज होता है वहां 14 महीने का दाखिल खारिज आवेदन पेंडिंग।

 हाल बिहार प्रदेश के कैमूर जिले के कुदरा अंचल का।

अंचल कार्यलय कुदरा  (फाइल फोटो )

जहां 14 दिन में दाखिल खारिज होता है वहां 14 महीने का दाखिल खारिज आवेदन पेंडिंग।

  

आवेदकों का आरोप---  चहेतों लोगों के पहुंच, पैरवी या पैसे  के बदौलत समय से पहले सेे ही हो जाते हैं कार्य। शेष लोग प्रतिदिन लगाते हैं अंचल कार्यालय के चक्कर।राजस्वकर्मी के  साथ रह कर कार्य कर रहे सहायक पर पैसा लेने का भी आरोप |लोक सेवाओं के  अधिकार के तहत भी प्राप्त होने वाली सेवाओं के लिए यहां नहीं है कोई निर्धारित सीमा।


 दाखिल खारिज पेंडिंग,

कुदरा अंचल कार्यालय में ऑनलाइन दाखिल खारिज 9 जुलाई 2018 को शुरू हुआ तबसे  25 सितंबर 2020 को पूर्वाहन 11 बजे तक 5053 आवेदन विभाग के साइट पर दर्ज हुए। जिसमें से 3306 आवेदन का निष्पादन हुआ व 540 कारण सहित अस्वीकृत कर दिए गए। शेष 1206 आवेदन पेंडिंग रहे।(पेंडिंग पड़े आवेदनों में 865 आवेदन 18 दिन बिना कारण के पेंडिंग रहे जिसमें से साठ दिवस में 63 आवेदन पर आपत्ती दायर की गई है।) मजे की बात यह है कि 802 आवेदन बिना किसी आपत्ती के 60 दिन से अधिक समय से कुदरा अंचल में पेंडिंग है।

क्रेता आरोप  लगते है कि वित्तीय वर्ष 20-21 में 14 दिन में दाखिल खारिज पूर्ण कर दिया गया है  जबकि वित्तीय वर्ष 19-20 का आवेदन एक वर्ष से अधिक समय से व वर्ष 20-21 का बिना कारण भी लंबे समय का आवेदन पेंडिंग है।

ऑनलाइन लगान जमा है परंतु ऑनलाइन अप टू डेट नहीं होने से  भूमि धारण प्रमाण पत्र प्राप्त करने में होती है परेशानी।जबकि एलपीसी के लिए काउंटर से ऑफलाइन आवेदन जमा नहीं करने के आदेश के अनुपालन में आवेदन नहीं हो रहा जमा।
 बिहार काश्तकारी (संशोधन) नियमावली 2018 अंतर्गत मापी आवेदन का निष्पादन समय 60 कार्य दिवस व लगान निर्धारण का समय 90 कार्य दिवस तय है। निर्धारित समय में नहीं होता है आवेदन का निष्पादन।
लगान निर्धारण के लिए दिया गया आवेदन व रैयती भूमि मापी के लिए दिया गया आवेदन भी रहता है पेंडिंग
 
रैयत का आरोप --परिमार्जन पोर्टल पर शिकायत पेंडिंग।

 कंप्यूटराइजेशन के दौरान छूटे हुए जमाबंदी का डिजिटाइजेशन, दाखिल खारिज आवेदन व निष्पादन के उपरांत दायर जमाबंदी में सुधार के लिए जारी किए गए परिमार्जन पोर्टल पर विहित रूप में आवेदन प्रपत्र भरकर सबमिट करने के बाद भी लंबे समय तक रहता है पेंडिंग| नाम का रह गया परिमार्जन पोर्टल।

किसान का धेर्य जबाब दे रहा  जब 1 साल से अधिक समय से बिना किसी कारण के दाखिल खारिज पेंडिंग रहता है| यानी सभी डाक्यूमेंट्स सही होने पर आवेदन एक्सेप्ट होता है  नियमानुसार अनुलग्नक सहित नहीं होने पर रिजेक्ट किया जाता है आवेदन एक्सेप्ट किया गया यानी डाक्यूमेंट्स सही है निष्पादन नहीं हुवा  साथ के सभी आवेदन या तो निष्पादित या अस्वीकृत हो चुके हैं  हालांकि इस संबंध में विभाग को और वरीय पदाधिकारी को ई-मेल भी  किया गया है। 

डाटा इनपुट- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार।

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