हाल बिहार प्रदेश के कैमूर जिले के कुदरा अंचल का।
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| अंचल कार्यलय कुदरा (फाइल फोटो ) |
जहां 14 दिन में दाखिल खारिज होता है वहां 14 महीने का दाखिल खारिज आवेदन पेंडिंग।
आवेदकों का आरोप--- चहेतों लोगों के पहुंच, पैरवी या पैसे के बदौलत समय से पहले सेे ही हो जाते हैं कार्य। शेष लोग प्रतिदिन लगाते हैं अंचल कार्यालय के चक्कर।राजस्वकर्मी के साथ रह कर कार्य कर रहे सहायक पर पैसा लेने का भी आरोप |लोक सेवाओं के अधिकार के तहत भी प्राप्त होने वाली सेवाओं के लिए यहां नहीं है कोई निर्धारित सीमा।
कुदरा अंचल कार्यालय में ऑनलाइन दाखिल खारिज 9 जुलाई 2018 को शुरू हुआ तबसे 25 सितंबर 2020 को पूर्वाहन 11 बजे तक 5053 आवेदन विभाग के साइट पर दर्ज हुए। जिसमें से 3306 आवेदन का निष्पादन हुआ व 540 कारण सहित अस्वीकृत कर दिए गए। शेष 1206 आवेदन पेंडिंग रहे।(पेंडिंग पड़े आवेदनों में 865 आवेदन 18 दिन बिना कारण के पेंडिंग रहे जिसमें से साठ दिवस में 63 आवेदन पर आपत्ती दायर की गई है।) मजे की बात यह है कि 802 आवेदन बिना किसी आपत्ती के 60 दिन से अधिक समय से कुदरा अंचल में पेंडिंग है।
क्रेता आरोप लगते है कि वित्तीय वर्ष 20-21 में 14 दिन में दाखिल खारिज पूर्ण कर दिया गया है जबकि वित्तीय वर्ष 19-20 का आवेदन एक वर्ष से अधिक समय से व वर्ष 20-21 का बिना कारण भी लंबे समय का आवेदन पेंडिंग है।
कंप्यूटराइजेशन के दौरान छूटे हुए जमाबंदी का डिजिटाइजेशन, दाखिल खारिज आवेदन व निष्पादन के उपरांत दायर जमाबंदी में सुधार के लिए जारी किए गए परिमार्जन पोर्टल पर विहित रूप में आवेदन प्रपत्र भरकर सबमिट करने के बाद भी लंबे समय तक रहता है पेंडिंग| नाम का रह गया परिमार्जन पोर्टल।
डाटा इनपुट- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार।

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