कुदरा प्रखंड अंतर्गत पंचपोखरी पंचायत के मोकरम गांव निवासी सुशील कुमार सिंह ने भूमि मापी से संबंधित परिवाद 6 मार्च 2019 को अनुमंडलीय लोक #शिकायत निवारण कार्यालय में दी थीं। जहां दायर परिवाद में परिवादी द्वारा अंकित है कि गांव के उत्तरी भाग का पानी पूरब दिशा में चकरोड से होकर बहता है जिसका अतिक्रमण कर नया नाली ढलान के विपरीत दिशा में बनाया जा रहा है। चकरोड को अतिक्रमण मुक्त कर नाली निर्माण का कार्य पूर्व से बह रही नाली वाली जगह पर ही कराना चाहते हैं आवेदक ।
28 मई 19 को पारित आदेश में अंकित है कि नाली निर्माण एवं साफ-सफाई का दायित्व प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं उसका अधिनस्थ संस्था ग्राम पंचायत का दायित्व है यह कार्य अंचल अधिकारी कुदरा का क्षेत्र अंतर्गत नहीं।
आदेश से छुब्ध आवेदक ने प्रथम अपील अपर समाहर्ता के पास की 24 जून 2019 को कि वहां से
4 जुलाई 2019 से आदेशित है कि अनुमंडल लोक #शिकायत में भूमि मापी के लिए परिवाद दायर किया गया था और विनिश्चय इस बिंदु से हटकर पारित किया गया है।जिसे पुनः सुनवाई के लिए रिमाइंड बैककर अनुमंडल के लोक #शिकायत निवारण पदाधिकारी मोहनिया को भेज दिया गया।
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| गली से घर में प्रवेश समय झुकाना पड़ता है सर |
शिकायतकर्ता ने 6 जुलाई को जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें लिखा गया है कि रोड पर मिट्टी डालकर मकान से रोड व नली को ऊंचा कर दिया गया है जिससे घर के नाली व शौचालय का पानी का निकासी नहीं हो रहा है। आवेदक ने नाली का निर्माण दरवाजे के लेबल से कराने की प्रार्थना है।
24 जुलाई को बारिश में भीगते हुए 25-30 की संख्या में ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने लगे। तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी ने गांव जाकर स्थिति को देख प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
अब सुनवाई के दौरान यह बताया गया
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| गली में दरवाजे से उचा मिटटी भराव |
अब देखना है कि समूह में की गई शिकायतों का निष्पादन अंचलाधिकारी / प्रखंड विकास पदाधिकारी या अनुमंडलीय लोक #शिकायत निवारण पदाधिकारी / जिला लोक #शिकायत निवारण पदाधिकारी किसके द्वारा किया जाता है।


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