तत्काल शुल्क देकर भी साधारण शुल्क के समय अवधि में नहीं होता है कोई भी प्रमाण पत्र प्राप्त, हाल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना का।
द्वितीयक प्रमाण पत्र, औपबंधिक प्रमाण पत्र, द्वितीय अंक पत्र, अंग्रेजी वर्जन प्रमाण पत्र, प्रवास प्रमाण पत्र, या प्रमाण पत्र में संशोधन कराना हो तो अब गर्दनीबाग पटना कार्यालय में जाना होता है। पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर जिले के विद्यार्थियों को शहीद राजेंद्र प्रसाद उच्च विद्यालय गर्दनीबाग पटना क्षेत्रीय कार्यालय बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना जाना होता है।
हालांकि पूर्व में पूरे प्रदेश का एक ही जगह सभी कार्य होने से व्यस्तता बढ़ जाती थी व समय से नहीं हो पाता था जिसके कारण अलग-अलग प्रमंडल का अलग-अलग स्थान चिन्हित कर दिया गया है।
मजे की बात तो यह है कि कार्यालय में टंगे बोर्ड के अनुसार तत्काल शुल्क देने के बाद ही साधारण शुल्क के समय समय अवधि के अंदर कभी भी किसी को प्रमाण पत्र नहीं मिलता ।
इस बाबत जब बड़ा बाबू से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सर्वर डाउन होने की वजह से तत्काल सेवा नहीं है। लेकिन फीस तत्काल में लिया जाता है इस पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
यानी किसी भी कीमत पर (तत्काल शुल्क देने के बाद भी)अब आपको 1 दिन में पटना से कोई भी प्रमाण पत्र लेना नामुमकिन है। जबकि गूगल ट्रांसलेटर के अनुसार तत्काल की परिभाषा शीघ्र, विलंब या अति आवश्यक है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के उप सचिव द्वारा दी गई #सूचना कई सवाल खड़े करती है। सूचना में तत्काल शुल्क के पश्चात उसी तिथि में प्रमाण पत्र निर्गत करने की हस्ताक्षर युक्त प्रमाणिक जानकारी है ।परंतु 27-08-19 को तत्काल शुल्क के साथ प्रवजन प्रमाण पत्र बनाने का आवेदन जमा किया गया जिसकी पावती भी इसी में संलग्न है। जिसे 03-09-19 को कंप्लीट किया गया है। अब यह तय कैसे होगा कि दी गई #सूचना भी सही है और बना हुआ सर्टिफिकेट भी। क्योंकि एक ही कार्यालय से निर्गत सर्टिफिकेट और #सूचना में अंकित तिथि तथा कार्यप्रणाली में समानता नहीं है।
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| दी गई सूचना और प्रमाण पत्र। |
द्वितीयक प्रमाण पत्र, औपबंधिक प्रमाण पत्र, द्वितीय अंक पत्र, अंग्रेजी वर्जन प्रमाण पत्र, प्रवास प्रमाण पत्र, या प्रमाण पत्र में संशोधन कराना हो तो अब गर्दनीबाग पटना कार्यालय में जाना होता है। पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर जिले के विद्यार्थियों को शहीद राजेंद्र प्रसाद उच्च विद्यालय गर्दनीबाग पटना क्षेत्रीय कार्यालय बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना जाना होता है।
हालांकि पूर्व में पूरे प्रदेश का एक ही जगह सभी कार्य होने से व्यस्तता बढ़ जाती थी व समय से नहीं हो पाता था जिसके कारण अलग-अलग प्रमंडल का अलग-अलग स्थान चिन्हित कर दिया गया है।
मजे की बात तो यह है कि कार्यालय में टंगे बोर्ड के अनुसार तत्काल शुल्क देने के बाद ही साधारण शुल्क के समय समय अवधि के अंदर कभी भी किसी को प्रमाण पत्र नहीं मिलता ।
इस बाबत जब बड़ा बाबू से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सर्वर डाउन होने की वजह से तत्काल सेवा नहीं है। लेकिन फीस तत्काल में लिया जाता है इस पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
यानी किसी भी कीमत पर (तत्काल शुल्क देने के बाद भी)अब आपको 1 दिन में पटना से कोई भी प्रमाण पत्र लेना नामुमकिन है। जबकि गूगल ट्रांसलेटर के अनुसार तत्काल की परिभाषा शीघ्र, विलंब या अति आवश्यक है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के उप सचिव द्वारा दी गई #सूचना कई सवाल खड़े करती है। सूचना में तत्काल शुल्क के पश्चात उसी तिथि में प्रमाण पत्र निर्गत करने की हस्ताक्षर युक्त प्रमाणिक जानकारी है ।परंतु 27-08-19 को तत्काल शुल्क के साथ प्रवजन प्रमाण पत्र बनाने का आवेदन जमा किया गया जिसकी पावती भी इसी में संलग्न है। जिसे 03-09-19 को कंप्लीट किया गया है। अब यह तय कैसे होगा कि दी गई #सूचना भी सही है और बना हुआ सर्टिफिकेट भी। क्योंकि एक ही कार्यालय से निर्गत सर्टिफिकेट और #सूचना में अंकित तिथि तथा कार्यप्रणाली में समानता नहीं है।

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