कैमूर डीटीओ की कथनी और करनी में अंतर, ATL के लिए इंतिजार साढ़े तीन साल | - Rtikudra.blogspot.com

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16 अप्रैल 2021

कैमूर डीटीओ की कथनी और करनी में अंतर, ATL के लिए इंतिजार साढ़े तीन साल |

रमेश कुमार, कुदरा (कैमूर)

मामला, बिहार प्रांत के कैमूर जिले का---

सरकार द्वारा निर्धारित किराया से अधिक किराया लेने को लेकर यात्री और बस कंडक्टर में विवाद और मार पिट की खबरे जिले में कही न कही देखने व सुनने को मिलती  है। कोरोना काल में तो उनकी मनमानी और भी बढ़ गयी है हालांकि सम्बंधित पदाधिकारी द्वारा समय समय पर इसकी जाँच भी की जाती है | मै यह स्पष्ट कर दू की जिला परिवहन कार्यालय कैमूर से पूर्व में मांगी गयी एक सूचना में बिहार सरकार द्वारा निर्धारित भाड़ा (किराया) साधारण बस सेवा 90 पैसा, एक्सप्रेस बस सेवा 95 पैसा प्रति किलोमीटर प्रति यात्री निर्धारित है|इसमे मुख्य बात यह है की इस भाड़े का निर्धारण अधिकतम दर से है इस से अधिक भाड़ा किसी भी परिस्थिति में वसूल नहीं किया जायेगा साथ ही तय किराया  बैठने की क्षमता के आधार पर किया गया है सिट से अधिक सवारी बैठाने पर ओवरलोडिंग मान कार्यवाई  होगी || पर  अफ़सोस इस बात का है की लिखित शिकायत देने के वर्षों बाद भी नहीं होती है कोई कार्यवाही।

जिला परिवहन कार्यालय कैमूर  (भभुआ)  बिहार

 जिला परिवहन पदाधिकारी की कथनी और करनी में अंतर --- अखबार,टीवी चैनल और सोशल मीडिया पर लिंक के माध्यम से प्रकाशित खबरों में पढ़ने और देखने को मिलता है कि लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर जांच में दोषी पाए जाने पर विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 साढ़े 3 साल में भी आवेदन पर  कार्यवाही नहीं। 

26.08.17 को रजिस्टर्ड डाक से दिया गया आवेदन 

25 अगस्त 17 को  मारुति नगर [वाराणसी] से  मोहनिया 65 किलोमीटर का किराया 80 रुपया  लिया गया। जिसकी शिकायत  का टंकण आवेदन टिकट के साथ  सीट नंबर, बस खुलने का समय व बस नंबर अंकित कर जिला परिवहन पदाधिकारी को की गई। 3 साल में भी अपने आवेदन पर कोई जानकारी न मिलने पर 26 जनवरी 2021 को आर टी आई से कृत कार्रवाई पत्र की मांग की गई सूचना नहीं मिलने पर नियमानुसार प्रथम अपील और 5 अप्रैल को राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दर्ज की गई है।

मांगी गयी सूचना 

 केंद्रीय परिवहन मंत्री व  परिवहन विभाग  के ट्विटर अकाउंट पर भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई।

16 मार्च 21 को पटना प्रमंडल के संयुक्त आयुक्त सह सचिव द्वारा भेजे गए ईमेल पत्र में 3 दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने का उल्लेख है। पर 16 अप्रैल 21 तक इस सम्बन्ध में आवेदक को कोई जानकारी / सूचना  नहीं दी गयी |

*राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय का पत्र संयुक्त आयुक्त  सह सचिव के द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी को देने के बाद भी आवेदक को अब तक नहीं मिली कोई जानकारी!*


इस संबंध में कैमूर जिले के वेबसाइट पर दर्ज जिला परिवहन पदाधिकारी के नंबर पर 6202751073 पर फोन लगाने पर नंबर बंद मिला। वही 6202751070 पर फोन लगाने पर फोन रिसीव नहीं हुआ| 6202751071 नंबर पर फोन लगाने पर (मोटरयान निरीक्षक द्वारा) बताया गया कि अभी मैं बक्सर में हूं जिला परिवहन पदाधिकारी से संपर्क स्थापित किया जाए |


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