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| गूगल से प्राप्त तस्वीर। |
जनवरी 2014 से जुलाई 2019 तक सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत दो या दो से अधिक आवेदन और अपील करने वाले आवेदक का नाम पता व संपर्क नंबर की प्रमाणिक प्रति लोक सूचना पदाधिकारी जिलाधिकारी कैमूर (भभुआ) से 27 जुलाई 2019 को मांगी गयी सूचना 01 अप्रैल 2021 तक नहीं मिली है| आयोग द्वारा जारी आदेश जो 26 फ़रवरी 21 को प्राप्त है (मांगी गयी सूचना देय हो तथा अभी तक नहीं दी गयी हो तो इसे एक पक्ष के अन्दर उपलब्ध कराया जाय) का अनुपालन एक महीने से अधिक समय में भी नहीं किया गया है|
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| आयोग का पत्र। |
वहीं दूसरी सूचना जो 1 सितंबर 2019 को लोक सूचना पदाधिकारी जिलाधिकारी कैमूर के कार्यालय से मांगी गई है-- जिसमें केंद्र/राज्य सरकार या किसी विभाग द्वारा 1 मार्च 2016 से 31 अगस्त 2019 तक लोक हित में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और आपदा /दुर्घटना से बचाव से संबंधित हैंडबिल, कैटलॉग, पोस्टर, बैनर, पुस्तक/ पुस्तिका इत्यादि को आमजन तक पहुंच के लिए किए गए प्रावधानों के प्रति के साथ निशुल्क वितरण करने वाली सामग्री की सूची की मांग की गई। यह सूचना भी डेढ़ साल बाद यानी 1अप्रैल 2021 तक नहीं मिली है।राज्य सूचना आयोग द्वारा वाद संख्या संधारित कर दिए गए निर्देश का भी ससमय पालन नहीं किया गया। ऐसे में संधारित वाद संख्या पर सुनवाई के बाद ही स्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी। क्योंकि आदेश पत्र के बाद भी सूचना नहीं मिलने से संबंधित अद्यतन जानकारी निबंधित डाक द्वारा आयोग को भेज दी गई है।बहरहाल आयोग के पत्र से इतना तो स्पष्ट है कि एक दूसरे मैटर में अर्थदंड संधारित करने के बाद भी स समय सूचना उपलब्ध कराने में लोक सूचना पदाधिकारी का रवैया उदासीन है।
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| पेपर कटिंग। |
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