पंडित दीनदयाल गया रेलखंड के कुदरा स्टेशन पर यात्री सुविधा नहीं, सुरक्षा भगवान भरोसे - Rtikudra.blogspot.com

भ्रष्टाचार और कुरीतियों पर लेखनी से प्रहार

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09 दिसंबर 2021

पंडित दीनदयाल गया रेलखंड के कुदरा स्टेशन पर यात्री सुविधा नहीं, सुरक्षा भगवान भरोसे

 

 जहां किसान मेल और महाबोधि एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव है वहां की स्थिति बदतर।

उत्तरी लेन में गंदगी का अंबार। दुर्गंध से हो रहा है जीना दुश्वार।।सिर्फ नाम का रह गया है स्वच्छता और सफाई अभियान।

फाइल फोटो




डाउन लाइन में प्लेटफार्म संख्या 3 और 4 पर यूरिनल की व्यवस्था नहीं। पूर्व की ओर जाने वाले यात्री खुले में लघु शंका करने को मजबूर तो नगर पंचायत होने के बाद भी उपरोक्त वर्णित प्लेटफार्म को पार करने की सुविधा नहीं।मरीज,महिलाओं, छोटे बच्चों और वृद्ध को होती है ज्यादा परेशानी। 

   नया ट्रेन चलाना न सही तो कम से कम कोच का हीं तो विस्तार कर दीजिए सरकार। 

पैसेंजर ट्रेन में भीड़ देखकर यह कहा जा सकता है कि जानवर से भी कम है इंसान की कीमत।दिन प्रतिदिन बढ़ रही है आबादी पर कोच संख्या और ट्रेनों की संख्या यथावत। सवारी गाड़ियों में क्षमता से अधिक सवारी खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर।हर तरफ से जनता को परेशानी।क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने पर परिवहन विभाग द्वारा होता है चालान,पर रेलवे में नहीं लागू होता है यह नियम रेलवे में खड़ा होकर यात्रा करने के लिए मेमो पैसेंजर ट्रेन में बाकायदा हाथ से पकड़ने के लिए हैंडल भी बनाए गए।

जनसंख्या वृद्धि के साथ सुविधाओं और उत्पादन क्षमता में कमी गरीबी को देता है बढ़ावा।  हर नागरिक हर विषय या वस्तु पर सेवा, सुविधा या क्रय, विक्रय कर (राजस्व/ टेक्स) सरकार को देता है सरकार की भी जिम्मेदारी की सेवा और सुविधा में किसी भी नागरिक को न हो कोई परेशानी। जब हर क्षेत्र का निजीकरण होगा तो नागरिक सरकार को टैक्स क्यों देगा।

 रात्रि में सरकार नहीं दे पाती है सुरक्षा पर टीटीई द्वारा रात्रि में किया जाता है टिकट चेक। 

पटना भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस में रात्रि 10 बजे सोन नगर के आसपास टीटीई द्वारा किया जा रहा है टिकट चेक पर इसी ट्रेन में रेप, चोरी और छिनैती की घटना पर रेलवे प्रशासन साध लेता है चुप्पी।

फाइल फोटो


सुविधा पैसेंजर ट्रेन की और किराया एक्सप्रेस का।

सुबह में जाने वाली 03384 पैसेंजर में एक्सप्रेस का किराया लिया जाता है जो कि हर स्टेशन पर रुकते हुए जाती है। इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन 13244 को भभुआ से पटना 242 किलोमीटर जाने में समय 6 घंटा लगता है जबकि भभुआ से पटना पैसेंजर ट्रेन को पकड़कर जाने में भी 6 घंटे का समय ही लगता है यानी चाल पैसेंजर की और किराया एक्सप्रेस का। हालात बहुत बुरे हैं इस समय और स्थिति की नजाकत को देखते हुए इसमें सुधार की जरूरत है। 

4 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी रिपोर्ट
    सच को बयान करती

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    1. अच्छी रिपोर्ट तैयार करने के लिए आप सभी की प्रतिक्रिया जरूरी है। जिस में शिकायत/सुझाव हों।
      प्रतिक्रिया देने के लिए धन्यवाद!

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  2. जमीनी स्तर की सच्चाई को बयां करती हुई निष्पक्ष पत्रकारिता,


    सरकार प्रशासन की लापरवाही से लेकर यात्रियों को होने वाली परेशानियों तक का बखूबी कम शब्दों में जिक्र यानी गागर में सागर जबरदस्त 👏👏👏👏👏🆚🤳✍️

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    1. आपसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। सहपाठी, मित्र और बड़े भाई भी हैं आप हमारे। जहां कहीं भूल हो तो मार्गदर्शन जरूर कीजिएगा, इस उम्मीद के साथ आपका धन्यवाद।

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